नागरी प्रचारिणी सभा: उमस के बीच इंद्रधनुष: विनोद तिवारी
साहित्य की दुनिया में संस्थाओं का बहुत महत्व होता है. हिंदी भाषा और उसके साहित्य में ‘नागरी प्रचारिणी सभा’ की केन्द्रीय भूमिका रही है. इसके निर्माण और देय की गौरव गाथा आप जानते हैं, कुछ ज़िक्र इस आलेख...
View Articleटी. एस. एलियट की तीन कविताएं: अनूप सेठी
‘इस तरह खत्म होती है दुनियाधमाके से नहीं रिरियाहट से.’ नोबेल पुरस्कार प्राप्त- कवि,आलोचक,नाटककार और संपादक टी एस एलियट (1888–1965) ने विश्व साहित्य को गहरे प्रभावित किया है,हिंदी में अज्ञेय उनसे...
View Articleरामविलास शर्मा: धर्म,राष्ट्र और फासीवाद: रविभूषण
राज्य और धर्म का पुराना गठजोड़ रहा है,दोनों एक दूसरे के काम आते थे. कुल मिलाकर यह गठजोड़ जनता के हितों की रक्षा, और तार्किक चेतना के प्रसार में बाधक था. धर्म के लिए और तो कभी इसके नाम पर अंतहीन बर्बर...
View Articleअनल पाखी: नामवर सिंह की जीवनी(अंकित नरवाल): केवल कुमार
२०२० में अंकित नरवाल (जन्म: ६ अगस्त १९९०) को ‘यू आर अनन्तमूर्ति: प्रतिरोध का विकल्प’ पुस्तक के लिए साहित्य अकादेमी का युवा पुरस्कार मिला था,इस वर्ष आधार प्रकाशन से ‘अनल पाखी: नामवर सिंह की जीवनी’...
View Articleमहेश आलोक की कविताएँ
उम्र पकने के साथ-साथ प्रेम भी परिपक्व होता चलता है, वह देह से कम देखभाल में ज्यादा प्रकट होता है. वृद्ध जोड़ो की प्रेम कविताएं हिंदी में इतनी कम लिखी गयीं हैं कि एक संग्रह बनाना चाहें तो मुश्किल...
View Articleगौतम कुमार सागर की कुछ मुकरियाँ
मुकरी काव्य की पुरानी विद्या है,अमीर खुसरों ने इन्हीं मुकरियों से हिंदी का रास्ता तैयार किया था, जो खड़ी बोली हिंदी की प्रकृति के निकट थीं,आज भी उन्हें पढ़ा समझा जा सकता है. उस रास्ते के झाड़ झंखाड़ जब...
View Articleकबीर: 'पीव क्यूं बौरी मिलहि उधारा': सदानन्द शाही
सदानन्द शाही का इधर रैदास बानी का काव्यान्त्रण ‘मेरे राम का रंग मजीठ है’ प्रकाशित हुआ है. गोरख,कबीर,रैदास उनके रूचि के विषय हैं.कबीर को सम्बोधित उन्होंने कविताएँ भी लिखीं हैं और उनके पदों को...
View Articleऋत्विक घटक की कहानियाँ : चंद्रकिरण राठी और श्रद्धा श्रीवास्तव
अनुवादक की ओर से सन् 1970 की सर्दियों में हम बिहार के सांसद श्री भोला प्रसाद के फ़्लैट नंबर 166 साउथ एवेन्यू में रह रहे थे. वह फ़्लैट हमें मेरे पति गिरधर राठी के ‘जनयुग’ साप्ताहिक में काम करने की वजह...
View Articleबीहू आनंद की कविताएँ
बीहू आनंद अभी सोलह साल की हैं,दसवीं में पढ़ती हैं,कविताएँ लिखती हैं,चित्र बनाती हैं,नाटकों में भाग लेती हैं. जीवन से भरी हुई हैं. पर कुछ ऐसा भी है जिसे नहीं होना था- स्वास्थ्य की एक ऐसी जटिलता में वह...
View Articleदरविश की ग़ज़ल
कवयित्री बाबुषा ने दरविश की ग़ज़लों की तरफ ध्यान खींचा तो महसूस हुआ कि कुछ बात तो है इस शायर में. ग़ज़लें और शेर इतने लोकप्रिय हैं कि इसकी कीमत इस विधा को भी चुकानी पड़ी है. आप पांच ठीक-ठाक ग़ज़लें लिखकर...
View Articleआख्यान-प्रतिआख्यान (3): सहेला रे (मृणाल पाण्डे): राकेश बिहारी
कथाकार-आलोचक राकेश बिहारी की इस सदी की कहानियों की विवेचना की श्रृंखला ‘भूमंडलोत्तर कहानी’ समालोचन पर छपी और यह क़िताब के रूप में आधार प्रकाशन से प्रकाशित हुई है. इधर वह २१वीं सदी के उपन्यासों पर...
View Articleतनुज सोलंकी: कहानी लिखने की कला: (अनुवाद: भारतभूषण तिवारी)
भारतीय अंग्रेजी कथा-साहित्य में तनुज सोलंकी युवा प्रतिभा हैं, उन्हें उनकी कहानियों के लिए साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार मिल चुका है.यह कहानी आकार में छोटी है पर असर इसका गहरा है, सिस्टम में फंसे व्यक्ति...
View Articleयुवा दलित आलोचना की भूमिका: रजनी दिसोदिया
आज के युवा ही कल के वरिष्ठ हैं. सभी क्षेत्रों की तरह साहित्य और कलाओं में भी नव-पल्लव, नव-रक्त चाहिए ही. कविता, कहानी की तुलना में आलोचना में सिर्फ़ नव से कुछ नहीं होता, अपार अध्ययन,अनुभव और अंतर्दृष्टि...
View Articleस्मरण: वीस्वावा शिम्बोर्स्का और उनकी कविताएँ: हरिमोहन शर्मा
मरिया वीस्वावा अन्ना शिंबोर्स्का(२ जुलाई,१९२३- १ फरवरी २०१२) पोलिश कवयित्री, निबंधकार, अनुवादक और 1996में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार विजेता मरिया वीस्वावा अन्ना शिंबोर्स्का हिंदी पाठकों के लिए...
View Articleतेजिमोला से मूलान तक: हमारी कथाओं की स्त्रियाँ: प्रीति प्रकाश
हमारी लोक कथाओं में स्त्रियों की उपस्थिति ख़ासी समस्यामूलक है. लैंगिक समानता और व्यक्तित्व के स्वतंत्र विकास के लिहाज़ से भी इनमें दिक्कतें हैं. प्रीति प्रकाश ने लोक कथाओं को परखा है और इधर ख़ासकर पश्चिम...
View Articleफ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की अधिकृत जीवनी: प्रीति चौधरी
‘वो बात सारे फ़साने में जिसका ज़िक्र न था वो बात उनको बहुत नागवार गुज़री है’ फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ सरकारों की तानाशाही के ख़िलाफ़ अब प्रतीक बन चुके हैं, जहाँ-जहाँ भी ज़ुल्म व सितम होते हैं उनकी कविताएँ...
View Articleआदर्श भूषण की कविताएँ
आदर्श भूषण गणित के अध्येता हैं, कविताएँ लिख रहें हैं. प्रकाशन अभी शुरू ही हुआ है. कुछ कविताएँ प्रस्तुत हैं. आदर्श भूषण की कविताएँ 1) इसी भाषा का अंतिम तुमसे जिस भाषा में प्रेम कियावह भाषा सीखनी...
View Articleसमालोचन का नया पता
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View Articleसमालोचन का नया अंक
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View Articleजेम्स ज्वायस: अरबी बाज़ार (Araby): अनुवाद: शिव किशोर तिवारी
जेम्स ज्वायस: अरबी बाज़ार (Araby): अनुवाद: शिव किशोर तिवारी
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