रायपुर में पिछले दस वर्षो से अनवरत ‘मुक्तिबोध स्मृति व्याख्यान’के अंतर्गत इस वर्ष ११ सितम्बर को व्याख्याता थे वरिष्ठ आलोचक सूरज पालीवाल, और विषय था– ‘दीमक के व्यापारियों के विरुद्ध प्रति-संसार रचती मुक्तिबोध की कहानियाँ’.
मुक्तिबोध की कहानियों पर सूरज पालीवाल के इस विचारोत्तेजक व्याख्यान को यहाँ अविकल प्रस्तुत किया जा रहा है.
दीमक के व्यापारियों के विरुद्ध प्रति-संसार रचती मुक्तिबोध की कहानियाँ
सूरज पालीवाल