युवा दलित आलोचना की भूमिका: रजनी दिसोदिया
आज के युवा ही कल के वरिष्ठ हैं. सभी क्षेत्रों की तरह साहित्य और कलाओं में भी नव-पल्लव, नव-रक्त चाहिए ही. कविता, कहानी की तुलना में आलोचना में सिर्फ़ नव से कुछ नहीं होता, अपार अध्ययन,अनुभव और अंतर्दृष्टि...
View Articleस्मरण: वीस्वावा शिम्बोर्स्का और उनकी कविताएँ: हरिमोहन शर्मा
मरिया वीस्वावा अन्ना शिंबोर्स्का(२ जुलाई,१९२३- १ फरवरी २०१२) पोलिश कवयित्री, निबंधकार, अनुवादक और 1996में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार विजेता मरिया वीस्वावा अन्ना शिंबोर्स्का हिंदी पाठकों के लिए...
View Articleतेजिमोला से मूलान तक: हमारी कथाओं की स्त्रियाँ: प्रीति प्रकाश
हमारी लोक कथाओं में स्त्रियों की उपस्थिति ख़ासी समस्यामूलक है. लैंगिक समानता और व्यक्तित्व के स्वतंत्र विकास के लिहाज़ से भी इनमें दिक्कतें हैं. प्रीति प्रकाश ने लोक कथाओं को परखा है और इधर ख़ासकर पश्चिम...
View Articleफ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की अधिकृत जीवनी: प्रीति चौधरी
‘वो बात सारे फ़साने में जिसका ज़िक्र न था वो बात उनको बहुत नागवार गुज़री है’ फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ सरकारों की तानाशाही के ख़िलाफ़ अब प्रतीक बन चुके हैं, जहाँ-जहाँ भी ज़ुल्म व सितम होते हैं उनकी कविताएँ...
View Articleआदर्श भूषण की कविताएँ
आदर्श भूषण गणित के अध्येता हैं, कविताएँ लिख रहें हैं. प्रकाशन अभी शुरू ही हुआ है. कुछ कविताएँ प्रस्तुत हैं. आदर्श भूषण की कविताएँ 1) इसी भाषा का अंतिम तुमसे जिस भाषा में प्रेम कियावह भाषा सीखनी...
View Articleसमालोचन का नया पता
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View Articleसमालोचन का नया अंक
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View Articleजेम्स ज्वायस: अरबी बाज़ार (Araby): अनुवाद: शिव किशोर तिवारी
जेम्स ज्वायस: अरबी बाज़ार (Araby): अनुवाद: शिव किशोर तिवारी
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