कथा - गाथा : चौपड़े की चुड़ैलें : पंकज सुबीर
Photo : Clare Park, Self portrait, Holding my Past हिंदी की प्रतिष्ठा प्राप्त कथा-पत्रिका हंस के अप्रैल २०१६ में प्रकाशित पंकज सुबीर की कहानी "चौपड़े की चुड़ैलें"को २०१६ का "राजेंद्र यादव हंस कथा...
View Articleभूमंडलोत्तर कहानी (११) : चौपड़ें की चुड़ैलें ( पंकज सुबीर) : राकेश बिहारी
हिंदी की प्रतिष्ठा प्राप्त कथा-पत्रिका हंस के अप्रैल २०१६ में प्रकाशित पंकज सुबीर की कहानी "चौपड़े की चुड़ैलें"को २०१६ का "राजेंद्र यादव हंस कथा सम्मान" (योगिता यादव के साथ संयुक्त रूप से) दिया गया...
View Articleबोली हमरी पूरबी : समीर तांती (असमिया)
Painting : Bishnu Prasad Rabha समीर तांती असमिया भाषा के प्रसिद्ध कवि हैं, उनकी कुछ कविताओं का असमिया से सीधे हिंदी में अनुवाद शिव किशोर तिवारी ने किया है. ज़ाहिर है मूल से हिन्दी में किया गया यह...
View Articleपरख : भूभल (मीनाक्षी स्वामी ) : ज्योतिष जोशी
भूभल (उपन्यास)-मीनाक्षी स्वामीसामयिक प्रकाशन, 3320-21, जटवाड़ानेताजी सुभाष मार्ग, नई दिल्ली-110002मूल्य-360 रुपयेडी-4/37, सेक्टर-15रोहिणी, दिल्ली-110089स्त्रियों के प्रति न्याय के लिए पेश हुआ मुकदमा...
View Articleपरिप्रेक्ष्य : एक एडहॉक शिक्षक की डायरी : संदीप सिंह
पेंटिग : Emily Browne शिक्षक दिवस पर विशेष लगभग सभी संस्कृतियों में शिक्षण का पेशा पवित्र और आदरणीय समझा जाता रहा है. समाज शिक्षकों से तमाम तरह की अपेक्षाएं रखता है. ज्ञान का संरक्षण, उसका संवर्धन और...
View Articleगीत चतुर्वेदी : छह कविताएं
Photo :Tim Walker : Georgina and Miceगीत चतुर्वेदी की प्रस्तुत छह कविताएंसमालोचन पर पहली बार प्रकाशित हो रही हैं. गीत हिंदी कविता के अब एक तरह से वैश्विक पहचान बन चुके हैं. उनकी कविताओं का चौदह...
View Articleकथा - गाथा : मोहे रंग दो लाल... (जयश्री रॉय)
भोपाल की स्पंदन संस्था की संयोजक उर्मिला शिरीष ने 2015 के स्पंदन कृति सम्मान से कथाकार मनोज पाण्डेय, और स्पंदन आलोचना सम्मान से राकेश बिहारी के सम्मानित होने की घोषणा की है. वर्ष 2016 के स्पंदन...
View Articleबोली हमरी पूरबी : तैंतीस करोड़ अपराध पेट में रख कर (मराठी) : प्रफुल्ल शिलेदार
प्रफुल्ल शिलेदार हिंदी-मराठी की मिली-जुली संस्कृति के नगर नागपुर में जन्मे प्रफुल्ल शिलेदार वरिष्ठता की दहलीज़ पर क़दम रखते हुए मराठी के बहुचर्चित-बहुप्रकाशित कवि-अनुवादक-समीक्षक हैं. वह पिछले कई वर्षों...
View Articleपरिप्रेक्ष्य : हिंदी दिवस (रोमन लिपि में हिन्दी का कुतर्क) : राहुल राजेश
भाषा के रूप में हिंदी सबल है, उसका साहित्य समृद्ध है, उसमें आलोचनात्मक विवेक का लगातार प्रसार हो रहा है. एशिया में कमोबेश अब वह एक सम्पर्क भाषा के रूप में विकसित हो रही है. हिन्दी-दिवस (१४ सितंबर,...
View Articleपरिप्रेक्ष्य : हिंदी की दुर्दशा का सनातन प्रश्न : संजय जोठे
हिंदी दिवस के ख़ास अवसर पर कल आपने राहुल राजेश का आलेख पढ़ा – ‘रोमन लिपि में हिन्दी का कुतर्क’ आज प्रस्तुत है संजय जोठे का आलेख – ‘हिंदी की दुर्दशा का सनातन प्रश्न’_______किसी भाषा की दुर्दशा दरअसल...
View Articleहिंदी दिवस : (३) : हिन्दी का विरोध अंततः अंग्रेजी का ही समर्थन है : राहुल राजेश
हिंदी दिवस के ख़ास अवसर पर आपने पढ़ा राहुल राजेश का आलेख, ‘रोमन लिपि में हिन्दी का कुतर्क’. संजय जोठे का आलेख, ‘हिंदी की दुर्दशा का सनातन प्रश्न’. आज प्रस्तुत है राहुल राजेश का आलेख – ‘हिन्दी का...
View Articleहिंदी दिवस पर (४) : हिंदी की दुर्दशा का सनातन प्रश्न – भाग २ : संजय जोठे
भाषाएँ समाज की निर्मिति होती हैं. भाषाओँ की दशा–दिशा को समझने के लिए समाज भी परखा जाता है. क्या हिंदी की वर्तमान स्थिति का सम्बन्ध उसके अपने बोलने वालों की संस्कृतिक, सामजिक-मनोवैज्ञानिक-आर्थिक स्थिति...
View Articleहिदी दिवस (5) : हिन्दी : अस्मिता की पहचान : मोहसिन खान
हिंदी की राष्ट्रीय स्वीकृति और वैश्विक पहुँच की चर्चा कर रहे हैं मोहसिन खान. अब यह उपभोक्ता तकनीक की सबसे तेज़ी से बढती भाषा है. फेसबुक, ट्वीटर, व्हाट्सऐप, वाइबर, वीचैट, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम,...
View Articleकथा - गाथा : प्रथम पुरुष : तरुण भटनागर
कृति : Ladoo Bai कलाओं का विकास मनुष्य की स्वाधीनता के चेतना से जुड़ा हुआ है, बाद में सत्ताओं के सेंसरशिप के बावजूद कला अपनी यह ज़िम्मेदारी उठाती रही है. आप कल्पना कीजिये जब पहली बार किसी ने किसी भी...
View Articleपिंक : तू खुद की खोज में निकल : जय कौशल
निर्माता शूजीत सरकार और निर्देशक अनिरुद्ध रॉय चौधरी की फ़िल्म ‘पिंक’ खूब पसंद की जा रही है. यह कहानी दिल्ली में किराए पर रहने वाली तीन कामकाजी लड़कियों मीनल अरोड़ा (तापसी पन्नू), फलक अली (कीर्ति कुल्हाड़ी)...
View Articleसहजि सहजि गुन रमैं : प्रमोद पाठक
(ARTIST:ROBERTO SANTO Arco.Bronze)जो कवि यह समझते हैं कि प्रेम कविताएँ लिखना प्रेम करने के बनिस्पत कम ज़ोखिम का काम है, वे भारी गलतफहमी के शिकार हैं. कुछ सोचकर ही राइनेर मारिया रिल्के ने युवा काप्पुस से...
View Articleसबद भेद : गांधी और प्रतिरोध : प्रकाशचन्द्र भट्ट
महात्मा गांधी का निर्माण साम्राज्यवाद विरोधी चेतना, आंतरिक जातिवाद और सम्प्रदायवाद विरोधी चिंता और दो विश्व युद्धों के बीच मानवता की दुर्दशा पर चिंतन के बीच हुआ है. ये सभी स्थितियाँ आज भी कमोबेश बनी...
View Articleमेघ - दूत : इरोस्ट्रेटस (Jean-Paul Sartre) :
इरोस्ट्रेटस (Erostratus) ज़्याँ पाल सार्त्र (Jean-Paul Sartre) के कहानी संग्रह The Wall (French: Le Mur) में संकलित है. इसका प्रकाशन 1939 में हुआ था. विश्व युद्धों की गहरी निराशा और असहाय- बोध के बीच...
View Articleसहजि सहजि गुन रमैं : प्रेमशंकर शुक्ल
भीमबैठकाभीमबैठका आवासीय पुरास्थल है, यह आदि-मनुष्यों द्वारा निर्मित शैल चित्रों के लिए प्रसिद्ध है .भारत के लिए तो यह राष्ट्रीय महत्त्व का है ही यूनेस्को ने भी इसे विश्व धरोहर के रूप में स्वीकार किया...
View Articleअभिव्यक्ति की आज़ादी और आलोचनात्मक विवेक पर जारी हमले
"The Making of India", Naresh Kapuria / via SAHMATदेश में उन्माद का वातावरण सकारण पैदा किया जा रहा है, जिससे कि जनता अपनी रोज़मर्रा की परेशानियों और उनके पीछे के उत्तरदायी कारणों को भूलकर छद्म किस्म की...
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