मंगलाचार : आशीष बिहानी
आशीष बिहानी की कविताएँ आपके समक्ष हैं. उजाड़ अवसाद, अप्रवास और यूटोपिया के अनेक धूसर रंगों से लिखी इन कविताओं में संभावनाओं के मुलायम किसलय आप को दिख जायेंगे.आशीष बिहानीकी कविताएँ...
View Articleमेघ - दूत : उसकी पहली उड़ान (लायम ओ'फ़्लैहर्टी)
पेंटिग : Fenumon Joseph‘उसकी पहली उड़ान’ मशहूर आयरिश लेखक ‘Liam O'Flaherty’ (28 August 1896–7 September 1984) की चर्चित कहानी ‘His First Flight’ का हिंदी अनुवाद है. यह कहानी एक पक्षी की है जो अपनी पहली...
View Articleविष्णु खरे : प्रत्यूषा बनर्जी
प्रत्यूषा बनर्जी की ‘आत्महत्या/हत्या’ ने चमक दमक से भरे सिने संसार के अँधेरे को फिर से बेपर्दा कर दिया है. इस अँधेरे में तमाम तरह की सामाजिक – आर्थिक संस्थाएं अपने नग्न और क्रूर रूप में हमारे सामने आ...
View Articleकथा - गाथा : अहिल्या : जयश्री रॉय
पेंटिग : Pradeep Kanikअहिल्या के मिथ का अगर आप पुर्नपाठ करें तो वह पति, प्रेमी और अपने खुद के ‘अपराध बोध’ से बाहर निकलने में मदद करते विचारक मित्र के बीच की कथा बन सकती है. क्या अहिल्या पति के पुरुष...
View Articleरंग - राग : एक उत्तल दर्पण पर आत्म चित्र : अशोक भौमिक
इटली के मशहूर पेंटर Girolamo Francesco Maria Mazzola अपने शहर parmaके नाम पर पर्मिजियनिनोके नाम से जाने जाते हैं. उनके आत्म चित्र 'Self-portrait in a Convex Mirror'पर इसी शीर्षक से अमेरिका के कवि...
View Articleसहजि सहजि गुन रमैं : मलखान सिंह
फोटो द्वारा अरुण देवआखिर कविता है क्या ? अगर वह बेचैन न करे, सोचने पर विवश न करे, कम से कम आपकी भाषा में वह कुछ जोड़े नहीं, आपके सौन्दर्यबोध में इज़ाफा न करे तो काहें की कविता ? और कैसी कविता?न विचार...
View Articleकथा - गाथा : पत्नी (जैनेन्द्र कुमार )
पेंटिग : अमृता शेरगिल‘कालजयी’ स्तम्भ में आप प्रेमचंद की कहानी, ‘कफन’ पर रोहिणी अग्रवाल का आलेख पढ़ चुके हैं, इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए आज जैनेन्द्र कुमार की कहानी ‘पत्नी’ और उसकी विवेचना प्रस्तुत...
View Articleकालजयी : पत्नी : रोहिणी अग्रवाल
पेंटिग : अमृता शेरगिल‘कालजयी’ स्तम्भ में आप प्रेमचंद की कहानी, ‘कफन’ पर रोहिणी अग्रवाल का आलेख पढ़ चुके हैं, इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए आज जैनेन्द्र कुमार की कहानी ‘पत्नी’ और उसकी विवेचना प्रस्तुत...
View Articleहस्तक्षेप : श्री श्री रविशंकर और नोबेल पुरस्कार : संजय जोठे
श्री श्री रविशंकर फिर चर्चा में हैं कि उनके अनुसार मलाला नोबल की हकदार नहीं थी और उन्होंने तो इसे ठुकरा ही दिया था. धार्मिक गुरुओं के साथ तमाम समस्याएँ रहती हैं पर एक सबमें उभयनिष्ठ है कि वे अपने को...
View Articleमेघ - दूत : हारुकी मुराकामी
हारुकीमुराकामीअपनी पीढ़ी के सबसे ज़्यादा पढ़े जाने वाले जापानी भाषा के लोकप्रिय उपन्यासकार हैं.उनका जन्म 1949 में क्योटो में हुआ था. उनकी किताबें बेस्टसेलर रहती हैं. 1987 में उनके यथार्थवादी उपन्यास...
View Articleविष्णु खरे : सर्वपापेभ्यो मोक्षयिश्यामि
विष्णु खरे ने अपने इसी स्तम्भ में राजनेताओं और सिने-जगत के सम्बन्धों पर पहले भी लिखा है. सलमान खान के रियो ओलंपिक 2016 में भारत की ओर से गुडविल एंबेसडर बनाए जाने पर यह मुद्दा फिर मौजूं हो गया है ख़ासकर...
View Articleपरख : वसु का कुटुम (मृदुला गर्ग)
वसु का कुटुम मृदुला गर्ग राजकमल प्रकाशन प्रा. लि. मूल्य-125 रुपए पृष्ठ-119 समीक्षावसु का कुटुम-21वीं सदी का कच्चा-चिट्ठा सुधा उपाध्याय मेरे हाथ पिछले दिनों मृदुला गर्ग का नया...
View Articleमंगलाचार : संदीप तिवारी
पेंटिग : bijay-biswalकविता के साथ लय का रिश्ता पुराना है, अक्सर छंद च्युत कविताओं में भी आंतरिक संगति रहती है. हर कविता की अपनी लय होती है.संभव है संदीप तिवारीसे यह आपकी पहली मुलकात हो, अलग आस्वाद की...
View Articleसबद भेद : रीतिकाल : मिथक और यथार्थ : मैनेजर पांडेय
हिंदी में आलोचना को ‘सेवा–टहल’ में बदलने का जो (कु) कर्म पहले हाशिये पर था ऐसा लगता है आज वह मुख्य धारा है. इसकी शुरुआत समकालीन प्रभावशाली रचनाकारों की लगभग प्रशस्ति को छूती आडम्बरी शब्दावली में लिखित...
View Articleसहजि सहजि गुन रमैं : नीलोत्पल (२)
Abdullah M. I. Syedकविता में ईमान बचा रहे और कवियों में लज्जा__________हिंदी कविता के वर्तमान में विषय की बहुलता और शिल्प की विविधता को उसका विकास ही समझना चाहिए. एक साथ कई पीढियां न केवल सक्रिय हैं...
View Articleपरिप्रेक्ष्य : मैन बुकर इंटरनेशनल और ‘द वेजिटेरियन’ : सरिता शर्मा
हान कांग (Han Kang, जन्म November 27, 1970, साउथ कोरिया)को उनके उपन्यास ‘The Vegetarian’के लिए 2016 के मैन बुकर इंटरनेशनल प्राइज के लिए चुना गया है. लेखिका ‘हान कांग’ और ‘द वेजिटेरियन’ परसरिता शर्मा...
View Articleविष्णु खरे : एक ‘सफल’ ख़ूनी पलायन से छिटकते प्रश्न
मराठी फ़िल्म ‘सैराट’ की व्यावसायिक सफलता के कई अर्थ निकाले जा रहे हैं. नागराज मंजुलेके निर्देशन में बनी इस फ़िल्म की अभिनेत्री रिंकू राजगुरुऔर अभिनेता आकाश ठोसर की जम कर प्रशंसा हो रही है. रिंकू को तो...
View Articleसैराट : संवाद (२): आर. बी. तायडे
फ़िल्म मीमांसक विष्णु खरे की मराठी फ़िल्म ‘सैराट’ की विवेचना ने अब एक बहस का रूप ले लिया है. ‘सैराट’ के हिंदी ‘मायने’ से शुरू हुआ यह विवाद अब फ़िल्म के मंतव्य तक पहुंच गया है. इसका एक दलित एंगल भी है. इस...
View Articleसैराट : संवाद (३): कैलाश वानखेड़े
मराठी फ़िल्म ‘सैराट’ पर विष्णु खरेके आलेख से प्रारम्भ ‘वाद/विवाद/संवाद’ की अगली कड़ी में कथाकार कैलाश वानखेड़ेका आलेख प्रस्तुत है. इससे पहले आपने मराठी/अंग्रेजी के फ़िल्म- आलोचक आर. बी. तायडेका अंग्रेजी...
View Articleसैराट : संवाद (४): जयंत पवार
हिंदी के प्रारम्भिक लेखक हिंदी के साथ साथ मराठी भी जानते थे. भारतेंदु ने अपने नाटकों में मराठी का प्रयोग किया है. सरस्वती के महान संपादक महावीरप्रसाद द्विवेदी ने मराठी से हिंदी में पर्याप्त अनुवाद किये...
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