मीमांसा : संत ज्ञानेश्वर और संत तुकाराम : तुषार धवल
तुषार धवल कवि, चित्रकार और अनुवादक के रूप में जाने जाते हैं पर मराठी साहित्य पर उनकी गहरी पकड़ का अंदाज़ा इस विद्वतापूर्ण आलेख को पढ़कर लगा. संत ज्ञानेश्वर और संत तुकाराम के जीवन, दर्शन, संघर्ष पर यह...
View Articleप्रमोद पाठक की कविताएँ
डिजिटल माध्यम में हिंदी साहित्य को सुरुचि के साथ समृद्ध करने वालों में मनोज पटेल प्रमुखता से शामिल हैं. छोटे से कस्बे में अपने सीमित संसाधनों से विवादों और साहित्य की कूटनीति से दूर रहकर वह कविताओं और...
View Articleप्रवास में कविताएँ : सीरज सक्सेना
हिंदी के कई महत्वपूर्ण कवि पेंटिग और अन्य ललित कलाओं में रूचि रखते हैं. उनकी कविताओं में ललित कलाओं के प्रभाव देखे जा सकते हैं. ऐसे कवियों की इस तरह की कविताओं के संकलन का विचार बुरा नहीं है.कई...
View Articleसहजि सहजि गुन रमैं : असीमा भट्ट
कलाकृति - Louise Bourgeoisअसीमा भट्ट की पहचान रंगमंच और अभिनय से है, वह एक समर्थ कवयित्री भी हैं. असीमा भट्ट की कविताएँ भरपूर हैं. इन कविताओं में स्त्री होने का अहसास है और इस अहसास पर आक्रामक तमाम...
View Articleमंगलाचार : अभिषेक अनिक्का
अभिषेक अनिक्का द्विभाषी लेखक एवं कवि हैं जिनकी रूचि राजनीति, दर्शन, जेंडर अध्ययन और फिल्मों में है. अभिषेक ने अपनी पढ़ाई दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज एवं मुंबई के टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेस से की है....
View Articleसबद भेद : हजारीप्रसाद द्विवेदी : शिरीष कुमार मौर्य
यह महीना हजारीप्रसाद द्विवेदी का है. ११० वर्ष पहले इसी महीने के १९ वीं तारीख को बलिया जिले के ‘दुबे का छपरा’ गाँव में आपका जन्म हुआ था. आचार्य द्विवेदी मुकम्मल साहित्य हैं. साहित्य का इतिहास हो,...
View Articleहस्तक्षेप : ख़ुदा की वापसी : अपर्णा मनोज
स्वाधीन भारत में मुस्लिम औरतों ने शाहबानो से सायरा बानो तक लम्बा सफर तय किया है. यह लड़ाई उन्होंने खुद अपने दम पर लड़ी है. अगर शाहबानो केस में तब की सरकार और मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने औरतों का साथ दिया...
View Articleनरेंद्र पुंडरीक की कविताएँ
कवि नरेंद्र पुंडरीकके कवि-कर्म पर सुशील कुमार की टिप्पणी और साथ में कुछ नई कविताएँ. “नरेंद्र पुंडरीक नब्बे के दशक और इक्कीसवीं सदी के एक ऐसे ही वरिष्ठ लोकधर्मी कवि हैं जिनकी कविताओं के लोक का द्वन्द्व...
View Articleकथा - गाथा : जस्ट डांस : कैलाश वानखेड़े
हंस के संपादक और कथाकार राजेन्द्र यादव की स्मृति में उनके जन्म दिन (२८ अगस्त) के अवसर पर "राजेन्द्र यादव हंस कथा-सम्मान"हर वर्ष हंस में ही प्रकाशित कहानियों में किसी एक चयनित कहानी को प्रदान किया जाता...
View Articleभूमंडलोत्तर कहानी (१३) : जस्ट डांस (कैलाश वानखेड़े) : राकेश बिहारी
Pablo Picassoभूमंडलोत्तर कहानी क्रम में आपने अब तक निम्न कहानियों पर युवा आलोचक राकेश बिहारी की विवेचना पढ़ी- 1-लापता नत्थू उर्फ दुनिया न माने (रवि बुले), 2-शिफ्ट+ कंट्रोल+आल्ट = डिलीट (आकांक्षा पारे),...
View Articleग़ज़ल : श्याम बिहारी श्यामल
श्याम बिहारी श्यामल पत्रकार हैं. उपन्यास प्रकाशित हुए हैं. महाकवि जयशंकर प्रसाद के जीवन और उनके युग पर आधारित उनके उपन्यास की प्रतीक्षा है. ग़ज़लें भी लिखते हैं. पेश है पांच ग़ज़लें. श्याम बिहारी...
View Articleपरख : आगे जो पीछे था (मनीष पुष्कले) : प्रभात त्रिपाठी
पिछले वर्ष भारतीय ज्ञानपीठ से चित्रकार मनीष पुष्कले के प्रकाशित उपन्यास “आगे जो पीछे था” को पढ़ते हुए प्रभात त्रिपाठी ने अपनी डायरी में उसे कुछ इस तरह से दर्ज़ किया है. कृति से संवाद का यह आत्मीय ढंग...
View Articleमेघ - दूत : रॉबर्ट फ्रॉस्ट की कविताएँ : संतोष अर्श
२० वीं सदी के महत्वपूर्ण अमेरिकन कवि रॉबर्ट ली फ्रॉस्ट (Robert Lee Frost : March 26, 1874 – January 29, 1963) अपनी कविताओं के यथार्थवादी रुझान के लिए चर्चित रहे हैं. उनकी कुछ कविताओं का अनुवाद युवा कवि...
View Articleसबद - भेद : इक शम्अ है दलील-ए-सहर : अच्युतानंद मिश्र
मुक्तिबोध फिर चर्चा में हैं. उनकी मृत्यु के बाद जो चर्चा चली थी उसमें उन्हें एक बड़े कवि के रूप में पहचाना गया. मुक्तिबोध जयशंकर प्रसाद के बाद दूसरे ऐसे बड़े कवि हैं जिनका गद्य भी मजबूत है. मुक्तिबोध के...
View Articleमंगलाचार : राहुल द्विवेदी - कविता
राहुल द्विवेदी कविताएँ लिखते हैं. छिटपुट प्रकाशन भी हुआ है. अन्तराल के बाद फिर सक्रिय हुए हैं. यह कविता मुझे ठीक लगी. निरंतरता बनाएं रखें और संग्रह भी जल्दी आए इसी उम्मीद के साथ यह कविता आख़िर पुरुषों...
View Articleदलित कविता और जय प्रकाश लीलवान : बजरंग बिहारी तिवारी
मलखान सिंह, ओमप्रकाश वाल्मीकि और जय प्रकाश लीलवान समकालीन हिंदी दलित कविता के महत्वपूर्ण कवि हैं. जय प्रकाश लीलवान के‘अब हमें ही चलना है’ (2002), ‘नए क्षितिजों की ओर’(2009), ‘समय की आदमखोर धुन’ (2009),...
View Articleसहजि सहजि गुन रमैं : नीलेश रघुवंशी
नीलेश रघुवंशी की कविताओं में स्त्री जीवन और उस जीवन के उतार – चढ़ाव, उस जीवन में जन्म से ही चुभते, गड़ते कील कांटे हैं. तमाम तरह की बंदिशों से मुक्त एक मनुष्य के सहज जीवन की सरल सी इच्छाएं हैं. ज़ाहिर है...
View Articleलवली गोस्वामी की नई कविताएँ
लवली गोस्वामी का अभी कोई कविता संग्रह प्रकाशित नहीं हुआ है, उनकी कविताएँ भी इधर ही समाने आयी हैं. पर जिस तरह से उन्होंने हिंदी कविता के सह्रदय सचेत पाठकों को हैरान किया है, वैसा देखने में कम आता है....
View Articleहस्तक्षेप : जनतंत्र, नागरिक समाज और आज का भारत : अरुण माहेश्वरी
चित्र : स्लावोय जिजेकजनता कभी-कभी अप्रत्याशित निर्णय लेती है. अराजकता, अकुशलता, साम्प्रदायिकता, हिंसा, भ्रष्टाचार, पक्षपात आदि से व्यथित होकर वह प्रतिपक्ष में खड़े व्यक्ति या संगठन को अपना समर्थन देती...
View Articleसबद भेद : मैत्री की मांग (मुक्तिबोध) : सुमन केशरी
गजानन माधव मुक्तिबोध (१३ नवंबर १९१७ : ११ सितंबर १९६४) ने कविता और आलोचना के साथ-साथ कहानियाँ भी लिखी हैं. ‘काठ का सपना और ‘सतह से उठता आदमी’ उनके दो कहानी संग्रह हैं, ‘विपात्र’ शीर्षक से उनका एक...
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