संगीता गुप्ता : शब्द और चित्र
संगीता गुप्ता की कविताएँ 1)हरसिंगार इस उम्मीद मेंरात भर झरता है किकिसी सुबह जब तुम आओ तोतुम्हारी राहें महकती रहेंबेमौसम भी बादल बरसते हैं किकभी तो तुम्हें भिगा...
View Articleसांड की आँख : संदीप नाईक
तुषार हीरानंदानी के निर्देशन में बनी फिल्म 'सांड की आँख'की इधर चर्चा है. इस फिल्म पर संदीप नाईक का यह आकलन आपके लिए.सांड की आँखउजली सुबह तेरे ख़ातिर आएगी संदीप नाईक भारतीय...
View Articleसंगीता गुप्ता : शब्द और चित्र
संगीता गुप्ता चित्रकार और कवयित्री हैं. उनके चित्रों की देश-विदेश में ३० एकल और २०० से अधिक सामूहिक प्रदर्शनियाँ आयोजित हुईं हैं. कई कविता संग्रह और हिंदी-अंग्रेजी में कुछ किताबें प्रकाशित हैं. संगीता...
View Articleविजयदेव नारायण साही का कवि : गोपेश्वर सिंह
विजयदेव नारायण साही का कवि गोपेश्वर सिंह विजयदेव नारायण साही (7 अक्टूबर 1924 - 5 नवंबर 1982) ने अपने समकालीनों की तुलना में कम कविताएँ लिखीं, लेकिन अपनी गुणवत्ता में वे इतनी अलग और...
View Articleकुलदीप कुमार की कविताएं
वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप कुमार (4 मार्च 1955, नगीना) अंग्रेजी अखबारों में इतिहास, साहित्य, शास्त्रीय संगीत और पेंटिंग पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. उनके भीतर कवि भी है जिसे अब जाकर एक संग्रह प्राप्त हुआ...
View Articleविजयदेव नारायण साही का कवि : गोपेश्वर सिंह
विजयदेव नारायण साही का कवि गोपेश्वर सिंह विजयदेव नारायण साही (7 अक्टूबर 1924 - 5 नवंबर 1982) ने अपने समकालीनों की तुलना में कम कविताएँ लिखीं, लेकिन अपनी गुणवत्ता में वे इतनी अलग और...
View Articleरघुवीर सहाय : जीवन और कविता : विमल कुमार
रघुवीर सहाय (9 दिसंबर,1929 -30 दिसंबर,1990) भारतीय लोकतंत्र की ख़ामियों, निर्बाध सत्ता की ताकत, और साधारण जन की यातना और विवशता के कवि हैं. उनकी कविताएँ निम्न मध्यवर्ग का अंतहीन शोक गीत हैं. वे भाषा को...
View Articleतुम बाक़ी जानवरों के खिलौने क्यों नहीं बनाते : इवॉन्न वेरा : अनुवाद - नरेश...
इवॉन्न वेरा (Yvonne Vera) अफ्रीका के कुछ महत्वपूर्ण कथाकारों मे से एक मानी जाती हैं. उनका पहला संग्रह ‘Why Don't You Carve Other Animals’, 1992में प्रकाशित हुआ था.इस शीर्षक कहानी का अंग्रेजी से हिंदी...
View Articleरघुवीर सहाय : जीवन और कविता : विमल कुमार
रघुवीर सहाय (9 दिसंबर,1929 -30 दिसंबर,1990) भारतीय लोकतंत्र की ख़ामियों, निर्बाध सत्ता की ताकत की छुपी हिंसा, और साधारण जन की यातना और विवशता के कवि हैं. उनकी कविताएँ निम्न मध्यवर्ग का अंतहीन शोक गीत...
View Articleत(लाश) : पीयूष दईया
जो अ-रीति है, अ-पारम्परिक है, नवोन्मेष है वह रीति की आरोपित बाध्यता पर चोट है, इस आघात से बोध और सौन्दर्य के विस्तार का रास्ता निकलता है. कवि-संपादक पीयूष दईयासाहित्य के साथ इतर कलाओं से भी सुमुख होते...
View Articleपरख : वह औरत नहीं महानद थी (कौशल किशोर) :रामकुमार कृषक
कवि, संस्कृतिकर्मी कौशल किशोर का कविता संग्रह ‘वह औरत नहीं महानद थी’ का प्रकाशन ‘बोधि’ ने किया है. इसकी समीक्षा लिखी है रामकुमार कृषक ने. जीवन संगीत की काव्यात्मक लय रामकुमार...
View Articleपरख : माटी पानी (सदानन्द शाही) : रोहिणी अग्रवाल
सदानंद शाही कविताएँ भी लिखते हैं. उनकी २०१३ से २०१७ के बीच की कविताओं का प्रकाशन लोकायत (वाराणसी) ने 'माटी पानी'शीर्षक से किया है, इसमें हिंदी के साथ-साथ भोजपुरी की भी कुछ कविताएँ शामिल हैं.रोहिणी...
View Articleदक्षिणायन (प्रचण्ड प्रवीर) : वागीश शुक्ल
खण्ड IIदक्षिणायनलिफ़ाफ़े को ठेलता मज़मून वागीश शुक्ल दक्षिणायनकी पाँच कहानियों में प्रचण्ड प्रवीर द्वारा रशिचक्र की उन राशियों के अधीन कहानियाँ लिखी गयी हैं जिन...
View Articleफ़ेलिक्स डिसोज़ा की कविताएँ (अनुवाद- भारतभूषण तिवारी)
मराठी के समकालीन कवि फ़ेलिक्स डिसोज़ा के दो कविता संग्रह प्रकाशित हैं. उन्होंने कुछ नाटकों और नुक्कड़ नाटकों का भी निर्देशन किया है. उन्हें कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है. उनकी कुछ कविताओं का...
View Articleअग्निलीक : हृषीकेश सुलभ
हृषीकेश सुलभ की आवाजाही रंगमंच और कथा-लेखन के बीच रही है. नाट्य लेखन के साथ उन्होंने कुछ प्रसिद्ध कृतियों का नाट्य रूपांतरण भी रचा है. तीन कहानी संग्रह प्रकाशित हैं. दीर्घ लेखकीय तैयारी और अपने विस्तृत...
View Articleफ़ेलिक्स डिसोज़ा की कविताएँ (अनुवाद- भारतभूषण तिवारी)
मराठी के समकालीन कवि फ़ेलिक्स डिसोज़ा के दो कविता संग्रह प्रकाशित हैं. उन्होंने कुछ नाटकों और नुक्कड़ नाटकों का भी निर्देशन किया है. उन्हें कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है. उनकी कुछ कविताओं का...
View Articleमंगलाचार : अर्चना लार्क की कविताएं
अर्चना लार्क कविताएं लिख रहीं हैं, और बेहतर लिखेंगी यह इन कविताओं को पढ़ते हुए लगता है. अर्चना लार्क की कविताएँ बेटी का...
View Articleनन्दकिशोर आचार्य की कविता का आकाश : ओम निश्चल
‘न सही तुम्हारे दृश्य में मैं कहींअंधेरों में सही.’इस वर्ष के हिंदी के साहित्य अकादमी पुरस्कार से नन्दकिशोर आचार्य का कविता संग्रह ‘छीलते हुए अपने को’ सम्मानित हुआ है. चौथे सप्तक के कवि नन्दकिशोर...
View Articleअंकिता आनंद की कविताएँ
‘निकले तख़्त की खातिर दर-ब-दरसर झुका रहमत माँगने के इरादे से,उतरे खुदाई का फर्क बताने पर,खुदा बन गए, मुकरना ही था वादे से.’अंकिता आनंद की कविताओं में रंगमंच की हरकत करती हुई जानदार भाषा है. आपने पहले...
View Articleरेत-समाधि (गीतांजलि श्री) : सरहद-गाथा और औरत-कथा : रवीन्द्र त्रिपाठी
कविता में लिपटी सरहद-गाथा और औरत-कथा रवीन्द्र त्रिपाठीस्पानी भाषा के आर्जेटिनियाई कवि-कथाकार होर्हे लुइस बोर्खेस (बोर्हेस) ने ओसवाल्ड फेरारी को दिए गए एक साक्षात्कार में आर. एल....
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