कथा - गाथा : अधजली : सिनीवाली शर्मा
कृति : Louise Bourgeois :Arch of Hysteria भूमंडलोत्तर कहानी विवेचना क्रम में आपने अब तक निम्न कहानियों पर युवा आलोचक राकेश बिहारी की विवेचना पढ़ी- लापता नत्थू उर्फ दुनिया न माने (रवि बुले), शिफ्ट+...
View Articleभूमंडलोत्तर कहानी – १२ : बहनापे और ईर्ष्या की सहज द्वंद्वात्मकता : राकेश बिहारी
भूमंडलोत्तर कहानी विवेचना क्रम में आपने अब तक निम्न कहानियों पर युवा आलोचक राकेश बिहारी की विवेचना पढ़ी - लापता नत्थू उर्फ दुनिया न माने (रवि बुले), शिफ्ट+ कंट्रोल+आल्ट = डिलीट(आकांक्षा पारे), नाकोहस...
View Articleनिज घर : इज़ाडोरा डंकन : विमलेश शर्मा
निधन के तुरंत बाद प्रकाशित महान नृत्यांगना इज़ाडोरा डंकन की आत्मकथा ‘My Life’ ने उन्हें एक महान नारीवादी लेखिका में बदल दिया था, इस आत्मकथा को अब क्लासिक का दर्ज़ा हासिल है. कल ही उनका जन्म दिन था....
View Articleकथा - गाथा : सुनहरा फ्रेम : मनीषा कुलश्रेष्ठ
कृति : Louise Bourgeoisकथाकार मनीषा कुलश्रेष्ठ के छह कहानी संग्रह और चार उपन्यास प्रकाशित हैं. लोकप्रिय कहानियों का विदेशी एवं भारतीय भाषाओं में अनुवाद हुआ है. बिरजू महाराज पर एक पुस्तक शीघ्र प्रकाशित...
View Articleसबद भेद : उदय प्रकाश का कवि : अल्पना सिंह
हिंदी के कथाकार अगर कवि भी हैं तो उन्हें अक्सर यह शिकायत रहती है कि उनके कवि पक्ष को नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है. उदय प्रकाश जितने बड़े कथाकार हैं उतने ही उम्दा कवि भी. प्रारम्भ में उन्हें कवि के ही रूप...
View Articleगणेश विसपुते : कविताएँ और स्मृति लेख
गणेश विसपुते मराठी के महत्वपूर्ण कवि, विचारक, चित्रकार हैं. उनकी सात कविताएँ और उनका एक स्मृति आलेख ख़ास आपके लिए. मराठी से अनुवाद किया है यशस्वी लेखक भारतभूषण तिवारी ने. कविताएँ और स्मृति आलेख एक साथ...
View Articleपरिप्रेक्ष्य : पृथ्वी के लिए शब्द : संतोष अर्श
किसी समाज के स्वास्थ्य को गर जांचना हो तो उसके पर्यावरण को देखना चाहिए. अगर उसकी नदियाँ प्रदूषित हैं, वन नष्ट हो रहे हों. मछलियाँ मर रही हैं और पक्षी गुम हों तो वह कैसा समाज होगा ? प्रकृति और पर्यावरण...
View Articleकथा - गाथा : आवाज़ की दरारें : ममता सिंह
कमबख्त इश्क और हाय रे मर्द की फितरत. औरत अगर अपना आसमान चाहे तो मर्द को मुश्किल और मर्द किसीऔर औरत से संजीदा हो तो माशूका को दिक्कत. तमाम कहानियाँ इस प्लाट के इर्द गिर्द बुनी जाती हैं पर कमाल देखिये कि...
View Articleनिज - यात्रा : राजेन्द्र यादव और मीता : मैत्रीय पुष्पा
राजेन्द्र यादव हिंदी पट्टी के सबसे प्रभावशाली संपादक रहे हैं. उनके संपादन में निकलती पत्रिका (हंस) हिंदी में आधुनिक रचनाशीलता, तीक्ष्ण वैचारिकता और तार्किक हस्तक्षेप का एक बेहद असरदार और मजबूत मंच थी....
View Articleरंग - राग : बंदिश : २० से २०००० हर्ट्ज : रवींद्र त्रिपाठी
पूर्वा नरेशके निर्देशनमें मंचित नाटक ‘बंदिश :२० से २०००० हर्ट्ज’ ने कला मर्मज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. इसके रंगमंचीय, सामाजिक और राजनीतिक मन्तव्य पर रवींद्र त्रिपाठी का यह आलेख जिसमें...
View Articleसहजि सहजि गुन रमैं : राहुल राजेश (दरवाज़े)
किसी एक विषय या भाव या विचार को लेकर कविता श्रृंखला लिखने का रिवाज़ है. अभी प्रेमशंकर शुक्ल की भीमबैठका पर कविताओं की एक पूरी किताब ही प्रकाशित हुई है.राहुल राजेश ने दरवाज़े को तरह-तरह से देखा है. समझा...
View Articleप्रो. मैनेजर पाण्डेय और मीडिया ट्रायल :
डिजिटल मीडिया किस तरह से एकतरफा और जजमेंटल बना दिया जाता है इसके कई हिंसक उदहारण हमारे समाने हैं. कुछ साल पहले इसी फेसबुक पर खुर्शीद अनवर की घेर कर हत्या कर दी गयी थी. वह आदमी वैश्विक धार्मिक कट्टरता...
View Articleमेघ - दूत : भाषा का कौतुक : लॉरा एस्क्विवेल (यादवेन्द्र)
1950 में जन्मी लॉरा एस्क्विवेल मेक्सिको की बेहद लोकप्रिय और सम्मानित लेखिका हैं. "स्विफ़्ट ऐज डिज़ायर"उनका प्रसिद्ध उपन्यास है जो लैटिन अमेरिका में उपनिवेश स्थापित करने वाले स्पैनिश लोगों और स्थानीय...
View Articleमेघ - दूत : हुज़ैफ़ा पंडित की कविताएँ (तुषार धवल)
हुज़ैफ़ा कश्मीरी युवा कवि हैं और प्रतिरोध, दुख, अस्मिता और स्मृतियों में डूबी कविताएँ लिखते हैं. वे फिलहाल "प्रतिरोध की कविताओं" (फैज़ अहमद फैज़, आगा शाहिद अली, महमूद दरवेश) पर कश्मीर विश्वविद्यालय से...
View Articleदि मिनिस्ट्री ऑव अटमोस्ट हैप्पीनेस : चन्दन पाण्डेय
बुकर पुरस्कार से सम्मानित ‘द गॉड ऑफ़ स्मॉल थिंग्स’ (१९९७) के दस साल बाद अरुंधति रॉय का दूसरा उपन्यास प्रकाशित हुआ है. – ‘दि मिनिस्ट्री ऑव अटमोस्ट हैप्पीनेस’. ज़ाहिर है इसकी खूब चर्चा है. कश्मीर पर...
View Articleशिरीष ढोबले : अखिलेश
शिरीष ढोबले के नवीनतम कविता संग्रह ‘पर यह तो विरह'पर चित्रकार अखिलेश की टिप्पणी और इस संग्रह से कुछ कविताएँ.____________देखना, खिलनाजीवन कई बार तज देता है अपनी गरिमा मृत्यु कभी नहींवही अंतिम पृष्ठअंतिम...
View Articleकवियों की धरती : प्रभात
२१ वीं शताब्दी की हिंदी कविता कवियों की धरती माटी का कविता विशेषांक प्रकाशित हो गया है. नई सदी की हिंदी कविता की शुरुआत मैंने २० वीं शताब्दी के आखिरी दशक से मानी है. इस तरह से लगभग ढाई दशकों की यह...
View Articleपरख : और अन्य कविताएं (विष्णु खरे ) : ओम निश्चल
विष्णु खरे की कविताओं का एक प्रतिनिधि संकलन राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित हुआ है. कविताओं का चयन कवि केदारनाथ सिंह ने किया है. भूमिका में केदारनाथ जी लिखते हैं– “एक ऐसा कवि (विष्णु खरे) जो गद्य को कविता...
View Articleप्रचण्ड प्रवीर का कथालेखन : वागीश शुक्ल
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली से रासायनिक अभियांत्रिकी में प्रौद्योगिकी स्नातक प्रचण्ड प्रवीर हिंदी के कथाकार हैं. २०१० में प्रकाशित उनका पहला उपन्यास 'अल्पाहारी गृहत्यागी: आई आई टी से पहले'चर्चित...
View Articleमैं कहता आँखिन देखी : नंद भारद्वाज
वरिष्ठ रचनाकार नंद भारद्वाज हिंदी के साथ-साथ राजस्थानी भाषा में भी अपने रचनात्मक योगदान के लिए पहचाने जाते हैं. उनकी सृजनात्मक यात्रा और राजस्थानी परिवेश पर एकाग्र यह संवाद युवा कथाकार और मीडियाकर्मी...
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